रविवार, 1 फ़रवरी 2026

बिना अनुमति स्कूल में घुसकर वीडियो बनाना

क्या कोई पत्रकार बिना अनुमति स्कूल में घुसकर वीडियो बना सकता है?
🔹 पहला सवाल– क्या बिना अनुमति कोई पत्रकार स्कूल में प्रवेश कर सकता है?

📌जवाब : स्कूल कोई सार्वजनिक मैदान नहीं है। यह एक संवेदनशील और संरक्षित परिसर होता है। बिना स्कूल प्रबंधन या शिक्षा विभाग की अनुमति के कोई भी पत्रकार न तो स्कूल में घुस सकता है और न कैमरा ऑन कर सकता है और न ही बच्चों या शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटो ले सकते हैं। अगर वे ऐसा करते हैं तो तो यह कृत्य IPC की धारा 441 — यानि आपराधिक अतिक्रमण के अंतर्गत आ सकता है।

🔹 दूसरा सवाल — क्या पत्रकार शिक्षक का वीडियो बना सकता है?
📌जवाब— कोई भी पत्रकार सम्बंधित शिक्षक की सहमति के बगैर न तो कोई वीडियो बना सकता है और न ही फोटो ले सकता है। बिना शिक्षक की सहमति के उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग करना निजता के अधिकार का उल्लंघन है। भारत के संविधान का अनुच्छेद 21 हर नागरिक को Right to Privacy देता है।

🔹 तीसरा और सबसे संवेदनशील सवाल — क्या कोई पत्रकार छात्र का वीडियो बना सकता है?
📌जवाब— छात्र, विशेषकर बच्चे, नाबालिग होते हैं। किसी भी हालत में बिना अभिभावक की लिखित अनुमति के किसी भी बच्चे का वीडियो बनाना सीधा कानूनन अपराध है। अगर कोई पत्रकार इस तरह का उल्लंघन करता है— तो उसके खिलाफ Juvenile Justice Act, POCSO Act, Digital Personal Data Protection Act के तहत उसके ऊपर मुकदमा किया जा सकता है। किसी भी पत्रकार तो इस तरह के काम करने से पहले एक बार सुप्रीम कोर्ट के निजता संबंधी निर्णयों को जरूर पढ़ लेनी चाहिए।
▫️बच्चे का चेहरा, नाम, आवाज, यूनिफॉर्म — सब पहचान है।
▫️और किसी भी तरह बच्चे की पहचान उजागर करना गैर कानूनी है।

🔹 चौथा सवाल — क्या पत्रकार बच्चों सवाल पूछकर जांच कर सकता है?
📌जवाब— सवाल ही नहीं–
▫️बच्चों से कैमरे पर सवाल नहीं पूछा जा सकता।
▫️बच्चे की ज्ञान की परीक्षा लेकर उन्हें शर्मिंदा करना पूरी तरह गैरकानूनी और अनैतिक है।

🔹 पांचवां सवाल — क्या कोई पत्रकार शिक्षकों से सवाल पूछकर ज्ञान का परीक्षण कर सकता है?
📌जवाब— बिल्कुल नहीं। बिना सहमति— सवाल पूछना, कैमरे के सामने “टेस्ट” लेना, प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना मानहानि (Defamation) के दायरे में आता है। और पत्रकार के ऐसा करने पर उस पत्रकार के ऊपर मानहानि का मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। तमाम विश्वविद्यालयों ने एक अध्यापक को कई तरह की डिग्री अवॉर्ड की है। इसके बाद ढेर सारे प्रतियोगी परीक्षाओं, इंटरव्यू आदि से गुजरता है, तमाम कठिन परीक्षाएं पास करता है, तब जाकर वह शिक्षक की नौकरी पाता है। हजार, पांच सौ का माइक खरीदकर कोई पत्रकार शिक्षक की परीक्षा नहीं ले सकता। 

🔹 तो पत्रकार क्या कर सकता है?
✔️ स्कूल प्रबंधन की अनुमति से
✔️ अभिभावकों की लिखित सहमति से
✔️ बच्चों की पहचान छिपाकर
✔️ जनहित में तथ्यात्मक रिपोर्टिंग कर सकता है।
📌 लेकिन मनमानी, दबाव और अपमान पूर्ण रिपोर्टिंग हरगिज नहीं कर सकता।

🔹 और अगर पत्रकार जबरन वीडियो बनाए तो?
✔️ स्कूल FIR दर्ज करा सकता है
✔️ अभिभावक पुलिस में शिकायत कर सकते हैं
✔️ मानहानि का केस हो सकता है
✔️ कैमरा और रिकॉर्डिंग जब्त हो सकती है